मुंबई। मुंबई विस्फोटाें की सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने निंदा की है तथा भाजपा ने इस तरह के हमले को पाकिस्तान द्वारा छेड़ा गया 'छद्म युद्ध' कहा, जबकि वाम दलों ने इस घटना को अंजाम देने वालों का पता लगाने में सरकार पर अक्षम रहने का आरोप लगाया।
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने इस घटना पर सरकार की ओर से आई प्रतिक्रिया को लेकर उसकी पीठ थपथपाई और कहा कि यह प्रतिक्रिया शीघ्रता से दी गई।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने संवाददाताओं से कहा कि भारत सरकार को आतंकवाद को रत्ती भर बर्दाश्त नहीं करने की नीति अवश्य ही अपनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को आतंकवाद के खिलाफ अपनी दुविधा अवश्य छोड़नी चाहिए। यह घोषणा करनी चाहिए कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति रत्ती भर बर्दाश्त नहीं करने की है। उसे यह अवश्य ही स्पष्ट करना चाहिए कि बुधवार को हुए हमले के बाद आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकी ढांचे को नेस्तनाबूद नहीं करता है तब तक वार्ता करने से कोई उद्देश्य हासिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले खुफिया तंत्र की नाकामी नहीं, बल्कि नीतिगत नाकामी है।
आडवाणी ने कहा कि मुंबई आतंकवादियों का पसंदीदा निशाना बन गया है, चाहे वह देश के अंदर के आतंकी हों या पड़ोसी देश के।
वाम दलों ने सिलसिलेवार विस्फोटों की तीखी निंदा करते हुए हालिया आतंकी हमले को अंजाम देने वालों का पता लगाने में सरकार के अक्षम रहने पर अफसोस जताया।
माकपा के पोलितब्यूरो ने यहां एक बयान में कहा कि यह परेशान करने वाली बात है कि हाल ही में देश के विभिन्न भागों में हुए बम विस्फोटों के पीछे मौजूद ताकतों की पहचान नहीं हो पाई है और उन्हें पकड़ा नहीं जा सका है। मुंबई विस्फोटाें को अंजाम देने वालों का पता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़नी चाहिए।
भाकपा ने भी इसी स्वर में कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब इस तरह के विस्फोट हुए हाें। इस बात के स्पष्ट सबूत हैं कि अपनी खुफिया एजेंसियों के जरिए सरकार 'विस्फोट को अंजाम देने वालों' का पता लगाने में अक्षम है। इसलिए आतंकियों का पता लगाने के लिए केंद्र को उचित कदम उठाना चाहिए।
पार्टी महासचिव एबी वर्धन ने केरल के मलाप्पुरम में कहा कि हमलावरों का उद्देश्य कई लोगाें की हत्या कर आतंक और दहशत फैलाना था।
भाकपा के वरिष्ठ नेता डी राजा ने बीती रात मुंबई में विस्फोट स्थल और अस्पतालों का दौरा किया। उन्होंने गृहमंत्री पी चिदंबरम पर आरोप लगाया कि वह शांति कायम रखने में लगातार नाकाम हो रहे हैं।
भुवनेश्वर में राहुल ने कहा कि प्रत्येक आतंकी हमले को रोक पाना 'बहुत मुश्किल' है लेकिन देश में 99 फीसदी हमले सतर्कता और खुफिया कोशिशों से नाकाम कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक आतंकी हमले को रोक पाना बहुत मुश्किल है। इसका उपाय यह है कि हमे स्थानीय स्तर आतंकवाद से लड़ना होगा। हमने बहुत तेजी से बहुत कुछ किया है। लेकिन आतंकवाद एक ऐसी चीज है जिसे हर समय रोक पाना असंभव है।
शिवसेना ने राहुल को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि कांग्रेस नेता का यह बयान कि सभी आतंकवादी हमले नहीं रोके जा सकते 'मुंबई का अपमान' है।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि राहुल मुंबई को अपमानित करने का एक भी मौका नहीं छोड़ते हैं। जब उन्होंने कहा कि आतंकी हमले होते रहेंगे, यह जाहिर करता है कि भारत में रहने के लायक नहीं हैं।
पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार को सिर्फ मुंबई वालों के जज्बे को महज सलाम करने की बजाय सरकार को इस बात की परवाह करनी चाहिए कि निर्दोष लोग न मारे जाए।
उधर, कोलकाता में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि यदि मुंबई रोता है तो बंगाल भी रोता है। हम मुंबई के लोगों के दुख और पीड़ा को पूरी तरह से साझा करते हैं। हम प्रार्थना करते हैं कि मुंबई को इस सदमें से उबरने की ताकत मिले।
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