Friday, 15 July 2011

आतंकवाद पर राहुल के बयान से बवाल मचा

मुंबई बम धमाकों पर विशेष... 


नई दिल्ली।
 विपक्षी दलों ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के इस बयान की निंदा की कि प्रत्येक आतंकवादी हमले को रोका नहीं जा सकता। विपक्षी दलों ने कहा कि इससे भारतीयों का मनोबल गिरेगा और इस बयान से कांग्रेस महासचिव के गैर-जिम्मेदाराना रवैए का भी पता चलता है। 

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने कहा कि इससे आतंकवादियों का 'हौसला' बढ़ेगा।

पार्टी नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा, "भाजपा स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि ऐसा बयान आतंकवादियों का हौसला बढ़ाएगा। मैं समझता हूं कि इससे देश के लोगों का मनोबल गिरेगा और हम कोई उम्मीद नहीं कर सकते।" उन्होंने कहा कि पार्टी उम्मीद करती है कि सरकार अपनी चूक को स्वीकार करेगी।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता डी. राजा ने आईएएनएस से कहा, "इस बयान से अत्यंत लापरवाही और लापरवाही भरे रवैए का पता चलता है।"

100 फीसदी आतंकवादी हमले रोकना मुमकिन नहीं: राहुल 


गौरतलब है कि राहुल गांधी ने गुरुवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में कहा कि बेहतर खुफिया तंत्र सहित विविध उपायों की बदौलत देश में 99 फीसदी आतंकवादी हमले रोके जा चुके हैं। 

मुम्बई में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के एक दिन बाद राहुल ने यह बात यहां संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कही।
इन विस्फोटों में कम से कम 17 लोग मारे गए और 131 से ज्यादा घायल हो गए। राहुल ने देश में आतंकवादी हमलों पर काबू पाने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा, "99 फीसदी हमले रोके जा चुके हैं। हमें 100 फीसदी हमले अवश्य रोकने चाहिए।"

बुधवार के हमले का हवाला देते हुए राहुल ने कहा कि सरकार ने तत्काल कदम उठाया। उन्होंने कहा कि हमले के बाद व्यवस्थित ढंग से कदम उठाए गए। लेकिन उन्होंने यह भी कहा, "किसी अकेले आतंकवादी हमले को रोकना बहुत कठिन है।" 

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजा ने कहा, "चिदम्बरम कहते हैं कि यह समन्वयपूर्ण हमला था तो हम इसे रोकने में क्यों नहीं सक्षम हुए? चिदम्बरम गृह मंत्री के रूप में विफल रहे हैं और राहुल गांधी उनके बचाव का प्रयास कर रहे हैं।"

मुंबई बम विस्फोट नीति की विफलता है: आडवाणी 


वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि हालांकि वह राहुल के बयान पर टिप्पणी करना नहीं करेंगे लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि मुम्बई में आतंकवादी हमले को दोहराया जाना सरकार की चूक को प्रदर्शित करता है।

आडवाणी ने कहा, "मैं राहुल के बयान पर टिप्पणी नहीं करूंगा। अमेरिका हमारे देश की तरह ही एक लोकतांत्रिक देश है, लेकिन मैंने यह नहीं सुना है कि वहां 9/11 के बाद कोई हमला हुआ।" 

उधर, उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने मुम्बई में कल हुए सिलसिलेवार विस्फोट की निंदा करते हुए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा है सभी आतंकवादी घटनाओं को रोकना संभव नहीं है।

सुश्री मायावती ने यहां जारी बयान में विस्फोट में मारे गये और घायलों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि केन्द्र सरकार को आतंकवाद को रोकने के लिये कडे कदम उठाने चाहिए।इस मामले में सभी पार्टियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आतंकवाद की समस्या के हल के लिये काम करना चाहिए।

उन्होंने गांधी का नाम लिये बिना कहा कि कांग्रेस के एक पदाधिकारी का बयान जिसमें उन्होंने कहा है कि ऐसे हमले होते रहते हैं और इसे रोकना संभव नहीं है, कांग्रेस पदाधिकारी ने इस घटना की तुलना इराक और अफगानिस्तान से की है। सुश्री मायावती ने कहा कि ऐसे बयान गैर जिम्मेदाराना हैं और इससे जनता का मनोबल गिरता है। लोगों को ढांढ़स बंधाने और उनका भरोसा कायम करने के लिये इस तरह की बयानबाजी नहीं की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पदाधिकारी आतंकवादी घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं और ऐसे नाजुक समय पर सतही बयानबाजी कर मृतकों के परिजनों और घायलों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय उन पर नमक छिड़क रहे हैं।

सुश्री मायावती ने कहा कि आतंकवाद को रोकने के लिये उसके मुख्य कारणों की तह तक जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी घटनाओं पर रोक के लिए सभी दलो की बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा की जानी चाहिए और इसपर सर्वसम्मति से ही कोई निर्णय लिया जाना चाहिए।

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