Monday, 4 July 2011

कांग्रेस में एक मालकिन, एक राजकुमार, बाकी सब नौकर: गडकरी

04 जुलाई 2011
आईबीएन-7 

नई दिल्ली।
 भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने एक बार फिर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) अध्यक्ष सोनिया गांधी पर हमला किया है। 'आईबीएन7' के खास कार्यक्रम 'हॉट सीट' पर प्रबंधक संपादक आशुतोष के सामने गडकरी ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जबकि 'कांग्रेस पार्टी में एक मालकिन हैं, एक राजकुमार हैं और बाकी सब नौकर हैं।' 

कांग्रेस की 'दरबारी संस्कृति' को 'साधारण' गडकरी पसंद नहीं: भाजपा 


गडकरी की मानें तो उनकी पार्टी में किसी से कोई मतभेद नहीं है, जहां तक गोपीनाथ मुंडे की बात है तो उनकी नाराजगी को पार्टी ने दूर कर दिया है। गडकरी ने साफ कहा कि जब से वे राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं तब से उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति में दखल नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और किसी की कोई शिकायत होती है तो पार्टी उस पर विचार करती है, उनकी बातें सुनी जाती हैं, क्योंकि भाजपा एक लोकतांत्रिक पार्टी है। भाजपा में कोई नेता पार्टी से ऊपर नहीं है। सबका अलग-अलग काम और दायित्व है। पार्टी में मनभेद नहीं है, मतभेद हो सकते हैं।

वहीं, अगर कांग्रेस की बात करें तो सोनिया जी सबसे ऊपर हैं, उसके बाद राहुल गांधी हैं बाकी सब उनके आदेशों का पालन करते हैं। क्योंकि पिछले दिनों दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने योग्य हैं, इस पर मनमोहन सिंह कुछ बोल नहीं सकते।

गडकरी बोले, कांग्रेस 'मुन्नी' से भी ज्यादा बदनाम है!
 


भाजपा अध्यक्ष का कहना है कि वे किसी के खिलाफ गलतबयानी नहीं करते हैं। अगर कांग्रेस पार्टी के नेता अच्छे काम करते हैं, तो वे प्रशंसा भी करते हैं। लेकिन जब कांग्रेस के नेता आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ओसामाजी कहते हैं तो विपक्ष के नाते हमारा कर्तव्य होता है उनका विरोध करना। ऐसे में जब उनका विरोध होता है, तो वे चिड़ जाते हैं, सहन नहीं कर पाते हैं। 

लोकपाल बिल के मसले पर गडकरी का कहना है कि उनकी पार्टी ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है। कांग्रेस जब उस बिल को लेकर संसद में आएगी, तब भाजपा उस पर अपनी राय देगी, क्योंकि अभी तक तो इस बिल को लेकर विपक्ष की अनदेखी की गई है। जिस समय लोकपाल समिति का गठन हो रहा था, उस समय कांग्रेस ने भाजपा से कोई राय नहीं मांगी, अब जब सिविल सोसाइटी का दबाव बढ़ रहा है, तो कांग्रेस को विपक्ष याद आया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में लाने के मसले को लेकर भाजपा अपनी राय संसद में रखेगी। 

आखिर में गडकरी बोले कि भाजपा हर हाल में सख्त लोकपाल बिल चाहती है।

No comments:

Post a Comment