लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने मायावती सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में सरकारी अमला बलात्कारियों को बचाने में लगा है।
सुश्री भारती आज यहां महिलाओं के उत्पीड़न की बढ़ी घटनाओं को लेकर एक दिवसीय मौन धरने पर बैठने से पहले पत्रकारों से बात कर रही थी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं का उत्पीड़न बढ़ा है।
बलात्कार में तेजी आई है और सरकारी अमला बलात्कारियों को बचाने में लगा हुआ है। इसीलिए लखीमपुरखीरी में नाबालिग लड़की के शव का दो बार पोस्टमार्टम कराना पड़ा और बाराबंकी में एक व्यक्ति को पुलिस ने पीट-पीटकर मार डाला तथा उसकी मृत्यु को आत्महत्या साबित करने में पूरी ताकत लगा दी।
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उन्होंने कहा कि इस तरह की कई घटनाएं हैं जिसमें अपराध के बाद सरकारी अमले की भूमिका पर सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मायावती समाज के सबसे कमजोर तबके से हैं, इसलिए ऐसी घटनाओं को रोकने की सर्वाधिक जिम्मेदारी बनती है।
सुश्री भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री को जवाब देना होगा कि लखीमपुर खीरी की 14 वर्षीय सोनम का दो बार पोस्टमार्टम क्यों कराना पड़ा। सरकारी अमला बलात्कारियों को बचाने में क्यों लगी है।
उन्होंने कहा कि घटनाओं के खुलासे में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। भूमिका तो न्यायालय के साथ ही विपक्ष और मीडिया ने निभाई। इन संस्थाओं ने सच को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
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सुश्री भारती ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी इस कार्यकाल में सिर्फ धन एकत्र करने में लगी हुई हैं। अच्छे अधिकारियों को किनारे कर दिया गया है। धन एकत्र करने वाले अधिकारियों को अच्छी तैनाती दी जा रही है। इसलिए भ्रष्टाचार और अपराध दोनों तेजी से बढ़े और इसके लिए सुश्री मायावती जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज के कमजोर तबके का माना जाता है। दबे-कुचले वर्ग की महिलाएं और कमजोर होती हैं। खास बात यह है कि इसी वर्ग की मुख्यमंत्री होने के बावजूद उत्तर प्रदेश में दलित पिछड़े और अल्पसंख्यक महिलाओं का सर्वाधिक उत्पीड़न हुआ।
सुश्री भारती ने कहा कि पूर्ण बहुमत की सरकार चलाने वाली मुख्यमंत्री के राज में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मौन अत्याचार का सशक्त विरोध माना जाता है, इसलिए वे महिलाओं पर अत्याचार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मौन धरने पर बैठ रही हैं। इसके बाद भी महिलाओं का उत्पीड़न हुआ तो आन्दोलन और संघर्ष किया जाएगा।
उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि लूट, बलात्कार और महिलाओं के साथ होने वाले दूसरे अत्याचारों को तत्परता से उजागर करे, ताकि उन्हें न्याय मिल सके। भाजपा नेताओं के आपसी कलह सम्बंधी अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि धरने पर बैठने से पहले उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र समेत कई नेताओं से विचार-विमर्श किया है। सभी अपनी-अपनी जगह पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं।
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इस मौके पर मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि विडम्बना है कि महिला मुख्यमंत्री के शासन में सबसे ज्यादा परेशान महिलाएं ही हैं। बलात्कार की घटनाएं बढ़ी हैं। बसपा के विधायक और मंत्री भी ऐसे अपराधों में आरोपी हैं। बांदा के बहुचर्चित शीलू मामले में विधायक को बचाने की पुरजोर कोशिश की गयी। पहले तो पीड़िता को ही जेल भेज दिया गया था।
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