उदयपुर। क्या आपने कभी पुरुषों द्वारा संतान उत्पन्न करने की घटना के बारे में सुना है? शायद नहीं। राजस्थान के स्वास्थ्य केंद्र पर ऐसी एक नहीं 32 घटनाएं दर्ज हैं। यहीं नहीं, यहां एक महिला ने एक साल में 24 बार संतान उत्पन्न किया है।
गिनीज बुक के विश्व रिकार्ड को तोड़ देने वाले इन आंकड़ों से साफ जाहिर है कि यह हकीकत नहीं बल्कि एक नया घोटाला है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को आईएएनएस को बताया कि कोटड़ा कस्बे के गोगुंडा सामुदायिक केंद्र में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को इस घोटाले का पता लगाया।
इस केंद्र की गर्भावस्था सहायिकाओं ने केंद्र सरकार की जननी सुरक्षा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की गर्भवती महिलाओं के लिए निर्धारित सहायता राशि को हड़पने के लिए गलत रिपोर्ट पेश की।
जननी सुरक्षा योजना के तहत पहले दो बच्चों के जन्म के लिए गरीबी रेखा से नीचे की महिला को 1700 रुपये और प्रत्येक प्रसव पर मिडवाइफ को इसके लिए 200 रुपये मिलते हैं। योजना का मकसद प्रसव के दौरान जच्चे और बच्चे की होने वाली मृत्यु को रोकना है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को प्रसव से पहले कई तरह की सेवाएं और सुविधाएं दी जाती हैं।
अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के रिकार्ड में ऐसे 32 पुरुषों के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने संतान को जन्म दिया। इनमें से कुछ के नाम कई बार दर्ज हैं।
रिकार्ड के अनुसार 60 साल की महिला ने साल में दो बार संतान उत्पन्न किया और सीता नाम की महिला ने तो साल में 24 संतान उत्पन्न किए।
अधिकारी ने बताया कि गर्भवास्था वार्ड की प्रमुख ने खुद भी एक साल में 11 बार संतान उत्पन्न किये।
अधिकारी ने बताया कि घोटालों के उजागर होने के बाद वार्ड प्रमुख को पद से हटा दिया गया है और वह इस समय फरार है।
उसने बताया कि विभागीय जांच के बाद शिकायत दर्ज कराई जाएगी। जांच के लिए तीन वरिष्ठ चिकित्सकों का दल गठित कर दिया गया है।
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Santosh Sandilya
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