मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को दावा किया कि काले धन के मॉरीशस लिंक को सुलझाने के लिए वहां की सरकार से बातचीत जारी है। सिब्बल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारे पास खुल जा सिम सिम कहकर काला धन वापस लाने के लिए कोई जादू की छड़ी नहीं है। बिना पूरी जानकारी मिले हम काला धन वापस लाने के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं कर सकते।
विदेश में जमा होने की बात
किसी को निश्चित काले धन की संख्या तक नहीं मालूम है, यहां तक कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को भी नहीं, जिन्होंने एक बार 22 लाख करोड़ काला धन विदेश में जमा होने की बात कही थी। जबकि अब लोग यह राशि 700 लाख करोड़ तक बता रहे हैं। इसलिए पहले हमें यह पता करना होगा कि वास्तव में कितना काला धन विदेशी बैंकों में जमा है। सिब्बल ने कहा कि काले धन की बात आज की नहीं है बल्कि यह समस्या तब भी थी जब केंद्र मे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार थी लेकिन उस समय आडवाणी ने इस मुद्दे पर कोई बात नहीं की। मगर जब 2004 में केंद्र में संप्रग सरकार बनी तब से काले धन पर सख्ती के लिए अनेक कदम उठाए गए और उसके परिणाम अब आने लगे हैं।
सिंगापुर के साथ दोहरे कराधान की संधि संशोधित होगी
भारत ने सिंगापुर के साथ हुई दोहरे कराधान से बचने की संधि को संशोधित करने का शुक्रवार को समझौता किया। सिंगापुर में हुई बैठक में यह सहमति बनी है। कर मामलों के संबंध में प्रभावी सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से संधि को संशोधित किया जाना है। भारत और सिंगापुर कर मामलों में सूचनाओं के आदान-प्रदान के अंतरराष्ट्रीय मानक को अपना रहे हैं। समझौते पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष प्रकाश चंद्रा और भारत में सिंगापुर की उच्चायुक्त करेन अन्नी तान पिंग मिंग ने हस्ताक्षर किए।
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Saturday, 25 June 2011
‘खुल जा सिम-सिम कहने से नहीं लौटेगा काला धन’
A.U. News
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