Sunday, 26 June 2011

मेरी हत्या कराने की साजिश थीः बाबा रामदेव

दिल्ली के रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए बाबा रामदेव ने रिहा होने के बाद रविवार को यहां कहा कि बीती रात इतिहास की सबसे काली रात थी। रामलीला मैदान में जो बर्बर और वीभत्स अत्याचार हुए उन्हें याद करके उनके रोंगटे खड़े हो जाते हैं। बाबा रामदेव ने कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश रची गई थी। हरिद्वार पहुंचे बाबा रामदेव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''मैंने बार-बार पुलिस वालों से अपील की कि महिलाओं, बच्चों को छोड़ दो लेकिन उन्होंने सबको घसीट-घसीट कर मारा। चारों तरफ गोलियां और आंसू गैस के गोले चल रहे थे। हर तरफ आंसू गैस का गुबार था। मुझे मारने की पूरी साजिश थी।

कपड़े से मेरा गला घोंटने की कोशिश की
मैं इस बर्बरता में मरना नहीं चाहता था। एक दीवार की ओट में मैं दो घंटे छुपा रहा और कुछ महिलाओं की मदद से मैं बाहर निकल रहा था लेकिन पुलिस वालों ने मुझे पकड़ लिया।'' बाबा रामदेव ने कहा, ''पुलिस ने मेरे साथ बदतर सलूक किया। कपड़े से मेरा गला घोंटने की कोशिश की।'' बाबा रामदेव ने कहा कि करीब पांच से 10 हजार पुलिसकर्मियों ने अचानक आकर लोगों पर लाठियां बरसाना और आंसू गैस छोड़ना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जो अत्याचार हुआ वैसा कसाईघरों में भी जानवरों के साथ नहीं किया जाता। बाबा रामदेव ने कहा कि इतनी क्रूरता आपातकाल में भी नहीं हुई। बाबा ने कहा कि तीन तारीख को होटल में मंत्रियों की मौजूदगी में हुई वार्ता के समय भी पुलिस लगाई गई थी और यह साजिश रची गई थी यदि बाबा समझौता नहीं करेंगे तो या तो उनका एनकाउंटर कर दिया जाएगा या गायब कर दिया जाएगा।

बाबा रामदेव जारी रख सकते हैं विरोध : निशंक
नई दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव का अनशन खत्म कराने के लिए की गई पुलिस कार्रवाई और बाबा को दिल्ली छोड़ने का आदेश जारी किए जाने के बाद वह एक विशेष विमान से देहरादून पहुंचे। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के करीब स्थित जोली ग्रांट हवाई अड्डे पर सुबह 10.45 बजे पहुंचे बाबा रामदेव का उनके समर्थकों ने फूल मालाएं पहनाकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद वह यहां से 60 किलोमीटर दूर हरिद्वार के अपने आश्रम के लिए रवाना हुए। सफेद कपड़े पहने बाबा की आगवानी यहां उत्तराखण्ड की भारतीय जनता पार्टी सरकार के अधिकारियों ने की। बाबा रामदेव ने यह कहकर पत्रकारों से बात करने से इंकार किया कि वह औपचारिक रूप से संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि बाबा को अपना अनशन जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। निशंख ने कहा, ''बाबा के शांतिपूर्ण आंदोलन में क्या गलत था? आखिर सरकार इतनी डर क्यों गई?'' उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को पूरी आजादी है। उन्होंने कहा, ''यदि वह उत्तराखण्ड में अपना आंदोलन जारी रखना चाहें तो उन्हें इसकी पूरी आजादी है।''

संतों ने रामदेव समर्थकों के उत्पीडन की निंदा की
अयोध्या के संत धर्माचार्यो ने दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरू बाबा रामदेव के अनशन के दौरान उनके समर्थकों के पुलिस उत्पीडन की कडी निंदा की है और इसे लोकतंत्र की शर्मनाक घटना करार देते हुए जलियांवाला बाग कांड की पुनरावृत्ति बताया है। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष एवं मणिरामदास छावनी के महंत नृत्यगोपाल दास ने आज यहां कहा कि शांत बैठे आंदोलनकारियों पर आधी रात को पुलिस बर्बरता लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने कहा कि बाबा राष्ट्रहित की मांग को लेकर अनशन कर रहे थे और वह गैरकानूनी काम नहीं कर रहे थे। श्रीराम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य व पूर्व सांसद डा0 रामबिलास दास वेदान्ती ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है और वह नहीं चाहती कि कालाधन देश में वापस आये। 

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद ज्यादातर समय तक सत्ता सुख भोगने वाली कांग्रेस के तमाम मंत्रियों और सांसदों का पैसा विदेशी बैंकों में जमा है इसलिए वह बाबा रामदेव के आन्दोलन को कुचलने पर अमादा है। दिगम्बर अखाडा के महंत सुरेश दास ने कहा कि यह तो तानाशाही की पराकाष्ठा है। विदेश में छुपाया गया धन कांग्रसियों के गले की हड्डी बन चुका है इसलिए बाबा के समर्थकों पर क्रूर हमला किया गया। इस बीच विश्व हिन्दू परिषद के कारसेवकपुरम स्थित मुख्यालय में कार्यकर्ताओं की आपात बैठक में कहा गया कि रामलीला मैदान की यह घटना पूरे देश में एक नयी क्रांति के सूत्रपात का संकेत है।

देश के इतिहास में काला दिन : नरेंद्र मोदी
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में योग गुरू रामदेव के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई को रावणलीला बताते हुये आज कहा कि यह देश के इतिहास में काला दिवस है और राष्ट्र इसे कभी माफ नहीं करेगा। श्री मोदी ने यहां माहीनगर क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुये युवाओं से भ्रष्टाचार तथा कालेधन के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, मैं युवाओं से अपील करना चाहता हूं कि इस तरह के अत्याचार को बर्दाष्त नहीं करें। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लडाई में लोगों को आगे आकर लडना चाहिये क्योंकि अगर इसके खिलाफ आवाज नहीं उठायी गयी तो अच्छे अच्छे लोग भ्रष्ट बनने पर मजबूर हो जायेंगे। श्री मोदी ने कहा कि जब भी देश में कोई संकट आता है तो प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह यह कहते हैं, मुझे इसकी जानकारी नहीं है मैं कुछ नहीं जानता। देश अब आपको ऐसा नहीं करने देगा क्योंकि आप प्रधानमंत्री के पद पर हैं और आपको अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिये।

काला धन वापस लाने की मांग करने वालों को जान का खतरा
सामाजिक कार्यकर्ता वेद विश्नोई ने आज कहा कि योग गुरू बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के साथ कल रात नयी दिल्ली में जिस तरह की कार्रवाई हुयी, वह पूरी तरह बर्बर और अलोकतांत्रिक है। श्री विश्नोई की ओर से यहां जारी बयान में कहा गया है कि इस घटनाक्रम से स्पष्ट हो गया है कि भ्रष्टाचार का विरोध और विदेशों में जमा काला धन वापस लाने की मांग करने वाले सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे के बगैर पुलिस प्रशासन ऐसी कार्रवाई नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अहिंसात्मक सत्याग्रह के इस प्रकार दमन से देश का आम नागरिक अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों ने विदेशी बैंकों में जो धन जमा किया है, उस धन को वापस देश में लाने की मांग करने वालों के जीवन को खतरा है।

बाबा रामदेव के साथ बर्ताव निंदनीय : उमा भारती
मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने योग गुरू बाबा रामदेव और उनके समर्थकों पर दिल्ली में हुए अत्याचार को निंदनीय और अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा है कि वह शीघ्र ही बाबा से मुलाकात करेंगी। सुश्री भारती के यहां स्थित कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि काले धन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सत्याग्रह करने वाले बाबा रामदेव और हजारों लोगों के साथ कल मध्य रात्रि में जो बर्ताव किया उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सुश्री भारती बाबा रामदेव से मिलने के लिए रवाना हो चुकी हैं और उनसे मुलाकात करके उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी भी हासिल करेंगी। उन्होंने कहा कि वह बाबा रामदेव के साथ मिलकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगी। उन्होंने कहा कि कल नयी दिल्ली में बाबा और उनके समर्थकों के साथ जो व्यवहार किया गया वह पूरी तरह अलोकतांत्रिक और निंदनीय है।

पुलिससिया कार्रवाई कांग्रेस के इशारे पर: मायावती
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने आज केन्द्र की कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन.संप्रग. सरकार पर आरोप लगाया कि उसी के इशारे पर राजधानी दिल्ली में भ्रष्टाचार एवं काले धन के खिलाफ शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन कर रहे योग गुरु रामदेव पर पुलिसया.हमला. कराया गया। सुश्री मायावती ने यहां राज्य स्तरीय पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए उच्चतम न्यायालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने और इस घटना की पूरी जांच कराने का आदेश देने आग्रह किया। सुश्री मायावती ने कहा, इस अलोकतांत्रिक कृत्य के पीछे सीधे- सीधे केन्द्र का हाथ है। हम कल रात रामलीला मैदान में प्रदर्शनकारियों पर दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई की निंदा करते हैं। हम उच्चतम न्यायालय से आग्रह करते हें कि वह मीडिया के जरिए इस मामले पर विशेष ध्यान दें और राष्ट्रीय महिला आयोग एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को इसकी स्वतंत्र जांच करने का आदेश दे।

रामदेव उकसाने का प्रयास कर रहे थे : दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव पर भडकाऊ भाषणों के जरिये अपने समर्थकों को उकसाने का आरोप लगाते हुए यहां रामलीला मैदान पर जुटे उनके अनुयायियों के खिलाफ की गई पुलिस कार्रवाई को जायज ठहराया है। एक अधिकारी ने यहां एक वक्तव्य में बताया कि दिल्ली पुलिस ने बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान ट्रस्ट को योग प्रशिक्षण शिविर लगाने की अनुमति दी थी, लेकिन आयोजन के पहले दिन कोई योग प्रशिक्षण नहीं हुआ। वक्तव्य में कहा गया कि योग प्रशिक्षण की बजाय बाबा रामदेव तथा राजनीतिक-धार्मिक संगठनों के नेताओं ने मंच से भडकाऊ भाषण दे देकर अपने अनुयायियों को उकसाना शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि बाबा रामदेव तथा अन्य आयोजकों को आयोजन की अनुमति की शर्तो के अनुरूप स्वयं को योग प्रशिक्षण तक सीमित रखने के लिए समझाने बुझाने की तमाम कोशिशें विफल हो जाने के बाद जनसुरक्षा के हित में अनुमति वापस ले ली गई।

अन्ना ने उठाये अंधेरे में पुलिस कार्रवाई पर सवाल
भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के प्रणेता और प्रसिद्ध समाज सेवक अन्ना हजारे ने योग गुरू बाबा रामदेव का समर्थन करते हुये निर्दोष महिलाओं पर पुलिस के लाठीचार्ज की आज कटु आलोचना की और मध्यरात्रि के बाद की गयी पुलिस कार्रवाई के समय पर भी सवाल खडे किये। श्री हजारे ने यहां कहा, शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ की गयी पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र पर कलंक है। उन्होंने सवाल किया, निर्दोष महिलाओं पर लाठियां क्यों बरसायीं गयी, उनका क्या कसूर था। श्री हजारे ने पुलिस कार्रवाई के समय पर सवाल उठाते हुये कहा कि पुलिस बल मध्यरात्रि में घटनास्थल पर क्यों पहुंचा। वह दिन के उजाले में वहां क्यों नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि अत्याचार के विरूद्ध राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन किया जाएगा।

सहयोगी ने की पुलिस कार्रवाई की जांच की मांग
योग गुरु बाबा रामदेव के एक घनिष्ठ सहयोगी ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्याधीश से बाबा रामदेव और उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जांच का आदेश देने की मांग की है। रामदेव के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने आईएएनएस से कहा, ''हम मुख्य न्यायाधीश से पुलिस की बर्बरता की जांच का आदेश देने का अनुरोध करते हैं।'' उन्होंने कहा कि पुलिस ने भीड़ पर लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। उनके मुताबिक, ''यह आपातकाल और जालियांवाला बाग की तरह है। बाबा का अपहरण कर लिया गया।'' उन्होंने कहा कि जब भ्रष्टाचार तथा कालाधन के खिलाफ अनशन पर बैठे बाबा रामदेव को जबरन हटाने के लिए पुलिस रामलीला मैदान पहुंची तो उन्हें तथा लोगों को बचाव के लिए दौड़ना पड़ा।

लोकपाल बिल वार्ता पर असर पडेगा: अग्निवेश
प्रभावी लोकपाल विधेयक के लिये आंदोलनरत इंडिया अगेंस्ट करप्शन के प्रमुख नेता स्वामी अग्निवेश ने रामलीला मैदान पर पुलिस कार्रवाई की तीव, निन्दा करते हुए कहा कि सरकार की इस अलोकतांत्रिक कार्रवाई से विधेयक को लेकर जारी वार्ताओं पर विपरीत असर पड सकता है। संगठन के अग्रणी नेता अन्ना हजारे आज राजधानी पहुंचने वाले हैं। उनका रामलीला मैदान पर सत्याग्रह में भाग लेने का कार्यक्रम था। स्वयं स्वामी अग्निवेश ने कर्नाटक जाने का अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है तथा वह आगामी रणनीति के बारे में श्री हजारे और अन्य सहयोगियों से विचार विमर्श करेंगे। उन्होंने देशवासियों से शांति बनाये रखने का आग्रह करते हुये कहा कि पूरे देश को एकजुट होकर बर्बरतापूर्ण पुलिस कार्रवाई का विरोध करना होगा। स्वामी अग्निवेश ने कहा कि सरकार को इस बात का जबाव देना होगा कि बाबा रामदेव के योग शिविर को अनुमति किस आधार पर दी गयी तथा एक बार शिविर शुरू होने के बाद एक लोकतांत्रिक आन्दोलन के खिलाफ बल प्रयोग क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम के साथ अब एक नया मुद्दा जुड गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश को जबाव देना होगा कि क्या शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को इसी तरह पुलिस के बल प्रयोग से कुचला जायेगा।

रामलीला मैदान पर जलियावाला बाग दोहराया: संघ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रामलीला मैदान पर पुलिस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजीराज में हुए जलियांवाला बाग कांड से करते हुए कहा है कि इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई ने पूरे देश को दहला दिया है। संघ प्रवक्ता राम माधव ने पुलिस कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की घटना आपातकाल या उसके पहले जलियावाला बाग में हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार आज कठघरे में खडी है तथा उसे पूरे देश को जबाव देना होगा। उन्होंने सरकार को चेताया कि रामदेव की सुरक्षा एवं कुशलक्षेम की जिम्मेदारी उसी पर है। उन्होंने कहा कि पूरा देश आज सवाल पूछ रहा है कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है या फिर यूरोप का कोई फासिस्ट देश। उन्होंने कहा कि इस तरह की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई सरकार में ऊंचे पदों पर बैठे लोगों के आदेश पर ही की गयी। संघ की आगामी योजना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव स्वयं तय करेंगे कि आगे क्या किया जाये।

पुलिस कार्रवाई में करीब 50 लोग घायल
रामलीला मैदान पर कल मध्यरात्रि के बाद हुई पुलिस कार्रवाई में करीब पचास लोग घायल हो गये। घायलों को सिर और शरीर पर चोटे लगी हैं। बाबा रामदेव की संस्था भारत स्वाभिमान आंदोलन के पदाधिकारियों के अनुसार घायलों की संख्या एक सौ से अधिक बतायी है लेकिन अस्पताल सूत्रों के अनुसार 30 से 35 लोग घायल हुए। इन लोगों को पुलिस लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोले छोडे जाने से चोटे आईं। सत्याग्रह के आयोजकों के अनुसार घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल-डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल और अखिल भारतीय आयुविज्ञान संस्थान में भर्ती कराया गया है। कनायक अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी के अनुसार करीब 30 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को एम्स के ट्रामा केन्द्र में भर्ती कराया गया है।

25 जून 1975 दोहराया गया : शांतिभूषण
प्रभावी लोकपाल विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित संयुक्त समिति के सह अध्यक्ष शांतिभूषण ने कहा है कि रामलील मैदान पर कल रात वैसा ही हुआ है जैसा सन 1975 में 25 और 36 जून की रात हुआ था जब प्रधानमंत्री इंन्दिरा गांधी ने देश पर इमजेंसी थोपी थी। श्री शांतिभूषण ने कल मघ्यरात्रि के घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा ‌कि भारत एक संवैधानिक लोकतंत्र है तथा शांतिपूर्ण विरोघ करना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। 
उन्होंने कहा क वह बाबा रामदेव के समर्थक नहीं हैं लेकिन रामलीला मैदान पर जैसी बर्बरतापूर्ण कार्रवाई हुई उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह और सरकार के मंत्री आज कठघरे में खडे हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान पर पुलिस कार्रवाई से लोगों की आंखें खुल जानी चाहिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई कितनी जोखिम भरी है उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में डूबी सरकार भ्रष्ट लोगों को बचाने के लिए किसी भी सीमा तक गिर सकती है। पुलिस कार्रवाई की तीखी निन्दा करने के बावजूद शांतिभूषण ने कहा कि प्रभावी लोकपाल विधेयक तैयार करने के लिए वह और उनके सहयोगी सरकार के साथ सहयोग करते रहेंगे।

पुलिस कार्रवाई अनैतिक, सरकार ने धैर्य खोया: किरण
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में शामिल पूर्व पुलिस अधिकारी किरण बेदी ने आज कहा कि रामलीला मैदान पर सोये हुए लोगों पर बल प्रयोग अनैतिक कृत्य है। रामलीला मैदान पर कल रात हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए सुश्री बेदी ने कहा कि योगगुरू के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का सामना करने में सरकार ने धैर्य खोकर अविवेकपूर्ण कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि पुलिस की ओर से योगगुरू को रामलीला मैदान खाली करने का नोटिस मध्यरात्रि के बाद दिया गया। हालात का तकाजा यह था कि बाबा को सवेरे तक का समय दिया जाता ताकि वह नोटिस को पढकर अपना अगला कदम तय करते। सुश्री बेदी ने पुलिस प्रशासन के इस तर्क को खारिज कर दिया कि सत्याग्रह से कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड सकती थी। उन्होंने कहा कि बाबा ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया। रामलीला मैदान पर जमा लोगों को उन्होंने कभी नही भडकाया कि उनके गिरफ्तार होने पर तोडफोड की जाये। पूर्व पुलिस अधिकारी ने कहा कि पुलिस कार्रवाई ने इस हकीकत को उजागर किया है कि भ्रष्टाचार की जडे कितनी गहरी है तथा भ्रष्ट लोगों का साजिशी तंत्र कितना मजबूत है। यह साजिशी तंत्र भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम को कुचलने में ही हथकंडे अपनायेगा।

पुलिस कार्रवाई कायरतापूर्ण : मेधा पाटकर
नर्मदा बचाओं आंदोलन की नेता मेधा पाटकर ने राजधानी के रामलीला मैदान पर पुलिस कार्रवाई को कायरतापूण, बताते हुए देश के एक अरब 20 करोड लोगों का आहवान किया है कि उन्हें तानाशाही की मनोवृत्ति के खिलाफ एक सुर में बोलना चाहिए। सुश्री पाटकर ने कहा कि उनके एक सहयोगी ने रात्रि तीन बजे हन्हे फोन करके पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी। टेलीविजन पर उन्होंने जो देखा वह अमानवीय था।
उन्होंने कहा कि अहिंसक और शांतिपूर्ण आंदोलन के खिलाफ बलप्रयोग बर्दाश्त नहीं जा सकता। उन्होंने कहाकि सरकार ने विपक्ष को एका बडा मुद्दा दे दिया है।
सुश्री पाटकर ने कहा कि वह योगगुरू के आंदोलन के अनेक पहलुओं से असहमत हैं लेकिन सोते हुए लोगों पर हमले का सबको मिलकर विरोध करना होगा। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई यह भी बताती है कि सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लडाई कांटो से भरी है क्योंकि इसमें कुछ लोगों का अवैध धन और कुछ लोगों की गद्दी दांव पर लगी है।

देश से माफी मांगे सोनिया और मनमोहन : गडकरी
दिल्ली के रामलीला मैदान में बाबा रामदेव के अनशन स्थल पर पुलिस कार्रवाई को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई के लिए देश से माफी मांगे। लखनऊ में पार्टी कार्लय में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान गडकरी ने कहा, ''भ्रष्टाचार और कालेधन के मुद्दे पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे बाबा रामदेव और उनके निहत्थे समर्थकों पर पुलिस ने अत्याचार किया। यह सब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया के कहने पर किया गया।'' उन्होंने कहा कि मनमोहन और सोनिया के आदेश पर निहत्थे लोगों पर सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की भाजपा कड़े शब्‍दों में निंदा करती है। पार्टी की मांग है कि सोनिया और मनमोहन इस अलोकतांत्रिक तरीके से की गई कार्रवाई के लिए देश से माफी मांगे।

पहले रेड कार्पेट फिर लाठी चार्ज ओर आंसू गैस
योग गुरू बाबा रामदेव को पांच दिन के अंदर केन्द्र सरकार के दो अलग अलग रूप में दखेने पडे। रामलीला मैदान पर अपना सत्याग्रह अनशन शुरू करने के लिए गत एक जून को राजधानी पहुंचे, योग गुरू की अगवानी के लिए पांच केन्द्रीय मंत्री प्रणव मुखर्जी, कपिल सिब्बल, पवन कुमार बंसल और सुबोघकांत सहाय हवाई अड्डे पहुंचे थे। मंत्रियों के इस कदम की कुछ हलकों में आलोचना भी हुई थी। कल रात इसके ठीक उल्टा हुआ। दिल्ली पुलिस के अधिकारी बडी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों के साथ रामलीला मैदान पहुंचे तथा लाठीचार्ज और आंसूगैस के गोलों का प्रयोग कर मैदान खाली करा लिया गया। रेडकार्पेट स्वागत के बाद बाबा रामदेव पुलिस हिरासत में ले लिये गये।

राजस्थान में भी सत्याग्रह करेगी भाजपा
भ्रष्टाचार एवं कालेधन के मुद्दे पर अनशन कर रहे बाबा रामदेव को अनशन स्थल से उठाने तथा गिरफ्तार करने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी राजस्थान में मंडल स्तर पर आज शाम सात बजे से कल सांय सात बजे तक सत्याग्रह करेगी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरऽण चतुर्वेदी ने बताया कि यह सत्याग्रह राजधानी जयपुर तथा मंडलों पर आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह भी जयपुर के लिए रवाना हो रहे है। उन्होंने बताया कि पुलिस की कार्रवाई को भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि यह आपातकाल जैसी कार्रवाई है।

लोकतंत्र की काली रात का घटनाक्रम
राजधानी दिल्ली में मध्यरात्रि की पुलिस कार्रवाई के कुछ घंटे पहले और कुछ घंटे बाद का घटनाक्रम घडी की इन सुइयों के साथ हुआ।
चार जून.. सायं.छह.सात बजे... केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने प्रेस कांफ्रेंस में बाबा रामदेव का कथित पत्र सार्वजनिक किया।

चार जून..सायं सात बजे.. सरकार की कार्रवाई से क्षुब्ध बाबा रामदेव ने सरकार पर विश्वासघात करने का आरोप लगाया और अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखने की घोषणा की।

पांच जून-मध्यरात्रि के बाद 12.30 बजे से एक बजे... सैंकडों पुलिस कर्मियों ने रामलीला मैदान पर धावा बोला। पुलिस अधिकारियों ने बाबा को गिरफतार करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके पास मैदान को सवेरे तक खाली कराने के आदेश हैं।

पांच जून. मध्यरात्रि के बाद 01.15 से 2 बजे... पुलिस बल मंच पर पहुचा जहां बाबा सोये हुए थे। बाबा के समर्थकों ने उन्हें अपने घेरे में ले लिया तथा मंच के नीचे ले गये। समर्थकों ने बाबा को कंधे पर उठा लिया।

पांच जून.02.00 से 02.30 बजे बाबा अपने समर्थकों के पास मंच पर गये 1 पुलिस ने मंच को घेरे में ले लिया। समर्थकों ने पुलिसकर्मियों को मंच पर चढने से रोका।

मध्यरात्रि के बाद 02.00 से 03.00 बजे... पुलिस ने रामलीला मैदान पर आंसूगैस के गोले छोडे। समर्थकों की भीड तितरबितर हो गयी।

मघ्यरात्रि के बाद 02.45 से 03.15 बजे.. पुलिस बाबा को गिरफतार कर अज्ञात स्थान पर ले गयी।

मध्यरात्रि के बाद 03.15.04.00 बजे.. पुलिस ने मंच और टेंटों को उखाडना शुरू कर दिया।

पांच जून तडके.04.10 बजे रामलीला मैदान पर बिजली काटी गयी।

पांच जून तडके.05.00 बजे रामलीला मैदान लगभग खाली हो गया।

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