यदि आप स्पीकएशिया जैसी सर्वे कंपनी का हिस्सा बनने की सोच रहे हैं तो सावधान हो जाइए क्योंकी कंपनी के कारोबार को लेकर उठ रहे सवालों का कंपनी के पास कोई जबाव नहीं है।
हालांकि कंपनी दावा करती है कि वे दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों के लिए सर्वे करती हैं। लेकिन जब कंपनी से कुछ कंपनियों के नाम पूछे गए तो कंपनी एक भी ऐसी कंपनी का नाम बताने में नाकाम रही जिनके लिए वो सर्वे करती है। कंपनी गोपनियता का बहाना बनाकर हर सवाल को टाल गई।
स्पीकएशिया मई 2010 से भारत में ऑनलाइन सर्वे का काम कर रही है। कंपनी के देशभर में 19 लाख सदस्य हैं। स्पीकएशिया सदस्य बनाने के लिए 11,000 रुपए लेती है। महीने में कुल 8 सर्वे कराए जाते हैं और हर सर्वे के लिए 500 रुपए मिलते हैं। यानी 3 महीने में 11,000 रुपए वसूल हो जाते हैं। इस तरह ये एक मल्टी लेवल मार्केटिंग कंपनी की तरह काम करती है।
कंपनी पर उठ रहे सवालों का जबाब देने के लिए कंपनी प्रमुखों ने एक प्रेस कॉंफ्रेंस की जिसके दौरान कहा की स्पीकएशिया न निवेश कंपनी है, न रिसर्च कंपनी है और न ही मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी। तो आखिर ये कंपनी है क्या? ये बताने में कंपनी पूरी तरह से नाकाम रही। कंपनी का कार्यालय सिंगापुर में है और भारत में कहीं भी पंजीकृत नहीं है।
josh18 news
No comments:
Post a Comment