सरकार को ललकारने की तैयारी
मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ सड़क से लेकर संसद तक सरकार को ललकारने की तैयारी शुरू कर दी है। मूल्य वृद्धि को सरकार की तानाशाही करार देते हुए पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि ऐसा पहली बार है जब रसोई गैस के दाम में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस ने साबित कर दिया है कि उसे आम लोगों की नहीं बल्कि कंपनियों की चिंता है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने भी कहा कि यह बढ़ोतरी आम लोगों के प्रति कांग्रेस की असंवेदनशीलता को जाहिर करती है। सरकार के इस संवेदनहीन कदम की सबसे बड़ी शिकार गृहणियां, किसान और गरीब हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ के नारे के साथ आई थी और बदले में लोगों को यह मिला है।
वामदलों ने भी बढ़ोतरी के विरोध में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। लेफ्ट ने कीमतों में इजाफे को आम जनता के लिए क्रूर झटका बताते हुए कहा कि इससे अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे और किसान भी प्रभावित होंगे। लेफ्ट ने सरकार पर कारपोरेट घरानों के सामने घुटने टेकने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा शिअद, आईएनएलडी, जदयू, शिवसेना, जदएस, अन्नाद्रमुक समेत अन्य पार्टियों ने भी वृद्धि का विरोध किया है।
ममता ने गैस पर 16 रुपये सेस घटाया
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र के रसोई गैस के दामों में बढ़ोतरी करने के बाद अपने यहां प्रति सिलेंडर पर लगने वाला 16 रुपये सेस घटा दिया है। इससे राज्य के लोगों पर गैस सिलेंडर पर 50 रुपये की बजाय अब 34 रुपये का ही बोझ बढ़ेगा। केंद्र के दामों में बढ़ोतरी करने से नाराज ममता का यह फैसला शनिवार को तत्काल प्रभाव से लागू हो गया। ममता ने कहा कि इस फैसले से सरकार को 75 करोड़ रुपये का नुकसान होगा, लेकिन हमारी सरकार आम लोगों पर ज्यादा बोझ नहीं डालना चाहती।
राज्य भी कम करें टैक्स
जिस तरह केंद्र सरकार ने कस्टम ड्यूटी घटाकर राहत दी है, उसी तरह सभी राज्य भी अपने टैक्स कम कर सकते हैं। हमने कांग्रेस शासित राज्यों से भी जितनी संभव हो कर में उतनी कमी करने के लिए कहा है।
जनार्दन द्विवेदी, कांग्रेस महासचिव
नौ फीसदी तक बढ़ सकता है मालभाड़ा
डीजल के दामों तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद अब देशभर में मालभाड़ा भी 8-9 फीसदी तक बढ़ने के आसार हैं। शनिवार को ट्रांसपोर्टरों ने साफ कहा कि वह मालभाड़े में तत्काल प्रभाव से इजाफा करेंगे। नार्थ इंडिया मोटर रोड ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष चरण सिंह लोहड़ा ने कहा कि डीजल के रेट बढ़ने के बाद अब नई बुकिंग बढ़े भाड़े पर ही की जाएंगी। उन्होंने कहा कि मालभाड़ा बढ़ने का असर सब्जियों, अन्य वस्तुओं के दामों पर भी पड़ेगा। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के भी सदस्य लोहड़ा ने बताया कि देशभर में 60 लाख ट्रक देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्सों तक विभिन्न वस्तुओं को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
1975 में आज के ही दिन कांग्रेस ने तानाशाही का तांडव करते हुए आपातकाल लगा दिया था। वर्षों बाद फिर तानाशाही रवैया अपनाते हुए रसोई गैस, डीजल और केरोसिन के दाम बढ़ा दिए गए हैं। इसे आर्थिक आपातकाल कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
शाहनवाज हुसैन, भाजपा प्रवक्ता
दामों में बढ़ोतरी के कारण मध्य वर्ग और गरीब तबके को काफी परेशानी होगी।
आमिर खान, अभिनेता
A.U.News
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