प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मैला ढोने की प्रथा को देश के लिए 'कलंक' बताते हुए विभिन्न राज्यों से इसे समाप्त कराने की अपील की है। प्रदेशों के सामाजिक न्याय एवं कल्याण मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के 64 साल बाद भी मैला ढोने की प्रथा हमारी विकास प्रक्रिया पर कलंक बनी हुई है, अब भी यह प्रथा जारी है।
समूह विधेयक का मसौदा तैयार
पीएम ने कहा कि आज मैं आपसे अपील करता हूं कि छह महीने में देश के हर हिस्से से इस प्रथा को समाप्त किया जाए। शौचालयों का निर्माण जल्द से जल्द होना चाहिए। विकलांग व्यक्ति अधिनियम 1995 के स्थान पर नया कानून लागू करने के लिए सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय के विशेषज्ञों का एक समूह विधेयक का मसौदा तैयार कर रहा है।
सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकारों और अन्य पक्षों से विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक संसद में पेश किया जाएगा। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने कमजोर तबके के लोगों के लिए कई रोजगारोन्मुखी कदम उठाए हैं।
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