बाबा रामदेव द्वारा कमेटी में वंशवाद का आरोप लगाए जाने पर समाजसेवी अन्ना हजारे सहमत नहीं है। अन्ना हज़ारे ने कहा है कि इस समय मकसद लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करना है और समिति में कौन है कौन नहीं इस पर बहस नहीं होनी चाहिए । हज़ारे ने कहा कि वे इस बारे में बाबा रामदेव से बात करेंगे कि देश के हित में सोचें।
मनाने के लिए बाबा के चरण छू लूंगा
उन्होंने कहा कि मैं बाबा से विनती करूंगा कि वे हमारे साथ खड़ें हो। उन्हें मनाने के लिए मैं उनके चरण छू लूंगा। अन्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार एक सवाल नहीं है बल्कि लंबी लड़ाई है इस पर हमारी आगे की रणनीति क्या होगी इस पर विचार करना होगा। अन्ना ने कहा कि हमने इस बिल पर ड्राफ्टिंग के लिए दो महीने के लिए यह कमेटी बनाई है इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।
व्यक्तिगत तौर पर आपत्ति नहीं
बाबा रामदेव ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि विधेयक के लिए गठित समिति में शांति भूषण के होने पर उन्हें व्यक्तिगत तौर पर आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे और उन्होंने लोगों की बात आगे पहुंचाई है। विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए नागरिक समाज की ओर से पांच सदस्य हैं जिनमें पूर्व क़ानून मंत्री शांति भूषण और उनके बेटे प्रशांत भूषण भी हैं।
कमेटी में वंशवाद अच्छा नहीं
केंद्र द्वारा बनाई गई कमेटी में शांति भूषण एवं उनके पुत्र प्रशांत भूषण दोनों को रखने पर रामदेव ने कटाक्ष किया था । उन्होंने कहा था कि कमेटी में वंशवाद अच्छा नहीं है। उन्होंने कहा कि अन्ना की मंशा भ्रष्टाचार मिटाने की है, लेकिन कमेटी में पिता-पुत्र को शामिल करना सुखद संकेत नहीं है। वह चाहते थे कि अन्ना भ्रष्टाचार के खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ें, पर दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हुआ।
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Saturday, 25 June 2011
देश के हित में सोचें बाबा रामदेव: अन्ना हजारे
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