जबलपुर। कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने समाजसेवी अन्ना हजारे को गांधीवादी और बुजुर्ग नेता बताते हुए बुधवार को यहां कहा कि उनके समर्थक उन्हें चने की झाड़ पर चढ़ाकर अनशन पर बैठा देते हैं, जबकि उम्र को देखते हुए उनका अनशन पर बैठना ठीक नहीं है।
दमोह जिले के जबेरा विधान सभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी डा. तान्या सालोमन के पक्ष में प्रचार कर लौटे सिंह ने आज यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से अनौपचारिक चर्चा में कहा कि अन्ना हजारे के समर्थक उन्हें 'चने की झाड़' पर चढ़ाकर अनशन पर बैठा देते हैं, जबकि उनके युवा समर्थकों को अनशन पर बैठना चाहिए।
उन्हाेंने कहा कि सरकार की जवाबदेही अन्ना हजारे और उनकी टीम के प्रति नहीं, बल्कि जनता के प्रति है। उन्होंने कहा कि देश में संसदीय प्रणाली सर्वोच्च है और उसी की प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
बाबा रामदेव के साथ रामलीला मैदान में हुई घटना का जिक्र किए बिना सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे यदि नई दिल्ली में अनशन पर बैठते हैं तो उनके साथ भी वही सलूक किया जाएगा, जो उस वक्त की परिस्थितयों में किया जा सकता है।
सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे भले ही गांधीवादी नेता हैं लेकिन उनकी टीम के सदस्य गांधीवादी नहीं हैं। सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कि मैं इन तथाकथित हिंदू संगठनों से बेहतर हिंदू हूं, जो धर्म का पालन करता है।
उन्हाेंने कहा कि कौन सा धर्म कहता है कि विस्फोट के लिए बम बनाओ या किस कुरान में लिखा है कि बेगुनाहों को जान लो। कांग्रेस नेता ने कहा कि इन तथाकथित संगठनों का उद्देश्य मात्र चंदा इकट्ठा करना है।
एक सवाल के जवाब में सिंह ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हैं और आजादी की लड़ाई में वे जेल भी गए थे, जबकि कथित हिंदुवादी संगठनों के लोग उस समय अंग्रेजों की गुलामी कर रहे थे।
नए-नए खुलासों और बयानों को लेकर अपनी तुलना विकीलीक्स से किए जाने पर उन्होंने कहा कि विकीलीक्स लाजवाब है लेकिन 'दिग्गीलीक्स' उससे भी ज्यादा जबर्दस्त है।
Jagran News
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