जबलपुर। काग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने समाजसेवी अन्ना हजारे के प्रस्तावित अनशन को लेकर उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए बुधवार को संकेत दिया कि इस गाधीवादी के खिलाफ भी वैसी ही कार्रवाई की जा सकती है, जैसा कि रामलीला मैदान में योग गुरु बाबा रामदेव के साथ की गई थी।
दिग्विजय ने कहा कि हालाकि यह प्रशासन पर निर्भर करता है कि अन्ना हजारे के प्रस्तावित अनशन कार्यक्रम पर उसका रुख क्या रहता है और काफी कुछ इस पर भी निर्भर करता है कि उस वक्त हालात क्या बने थे। उन्होंने यह भी कहा कि जो कुछ भी करना है प्रशासन को करना है और इसमें काग्रेस को कुछ भी नहीं करना है।
उन्होंने कहा कि रामदेव के कार्यक्रम के दौरान जैसे हालात बने थे अगर वैसी परिस्थितिया फिर बनीं तो अन्ना के साथ भी उसी तरह का व्यवहार किया जाएगा।
काग्रेस नेता ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में अन्ना के युवा साथी उनकी बुजुर्ग अवस्था का ख्याल किए बगैर उन्हें अनशन के लिए उकसा रहे हैं। अन्ना के बजाए उनके युवा साथियों को अनशन पर बैठना चाहिए और कहा कि देश में संसदीय प्रणाली ही सर्वोच्च है। सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है न कि टीम अन्ना के प्रति।
दिग्विजय के मुताबिक देश में संवैधानिक प्रणाली सर्वोच्च है और वह जनता के प्रति जवाबदेह है। लेकिन अन्ना टीम के चारों सदस्य देश की जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं।
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने कहा कि भ्रष्टाचार विरोधी अभियान में शामिल समर्थक अन्ना की उम्र का विचार किए बगैर उन्हें अनशन पर बैठा देते हैं।
अन्ना के बजाय उनके युवा समर्थकों को अनशन करना चाहिए। दमोह के जबेरा से वापसी के दौरान दिग्विजय ने कहा कि अन्ना गाधीवादी हैं, लेकिन उनके समर्थक ऐसे नहीं हैं।
अन्ना का साथ देंगे बाबा रामदेव
-योग गुरु बाबा रामदेव लोकपाल मामले में केंद्र सरकार के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोलने जा रहे अन्ना हजारे का साथ देंगे। वे अपने सहयोगी आचार्य बालकृष्ण के साथ खुद अन्ना के अनशन में शामिल होंगे यानहीं, अभी तय नहीं है।
भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ चलाए गए अपने सत्याग्रह को फिर से धार देने की कोशिशों में लगे बाबा रामदेव इन दिनों गहन विचार-विमर्श में लगे हैं। साथ ही वे लोकपाल बिल के मुद्दे पर सिविल सोसाइटी और सरकार के बीच बदलते रिश्तों पर भी गहरी नजर रखे हुए हैं। यही वजह है कि भारत स्वाभिमान ट्रस्ट कार्यकर्ताओं को अन्ना हजारे के कार्यक्रमों में शामिल रहने और उनका सहयोग करने के लिए कहा गया है।
पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का अन्ना हजारे को पूरा समर्थन है। वे लोग अन्ना के हर कार्यक्रम में साथ देंगे, सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि अन्ना हजारे के अनशन में बाबा रामदेव और उनका शामिल होना अभी तय नहीं हो पाया है, लेकिन जल्द ही इस पर भी फैसला कर लिया जाएगा।
फर्जी है सरकारी लोकपाल
-अन्ना हजारे का कहना है कि सरकार ने जो लोकपाल बिल का मसौदा पेश किया है, उससे देश को सिर्फ एक फर्जी लोकपाल ही मिलेगा। इसमें भ्रष्टाचारियों के लिए न्यूनतम सजा छह महीने है, वहीं शिकायत साबित नहीं कर पाने वाले के लिए यह दो साल है। उन्होंने राजनीतिक दलों को भी तुरंत अपना रवैया स्पष्ट करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि अब वे एक-दो दिन के अंदर ही सभी नेताओं से मुलाकात करना शुरू कर देंगे।
अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि सरकार के मंत्रियों ने देश को दिग्भ्रमित करने की कोशिश की है। वे कह रहे हैं कि हम लोकपाल का बजट देश की जीडीपी का एक फीसदी रखना चाहते हैं, जबकि हमने इसके लिए सिर्फ राजस्व का 0.25 फीसदी कहा है वह भी अधिकतम सीमा के तौर पर। साथ ही यह बजट भी सिविल सोसाइटी के पास नहीं जा रहा। इस पर सरकार का ही नियंत्रण रहेगा और उसी का ऑडिट होगा।
अन्ना हजारे ने कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि वे लोकपाल के विभिन्न बिंदुओं पर अपनी राय जनता के सामने रखें। अब सरकार का मसौदा भी सामने आ चुका है और जन लोकपाल भी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे अगले एक-दो दिन के अंदर ही सभी दलों के नेताओं से समय लेकर मिलना शुरू करेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने सभी सरकारी अधिकारियों को इसकी जांच में लाने से यह कहते हुए मना कर दिया कि इससे लोकपाल पर बोझ बहुत बढ़ जाएगा, लेकिन साढ़े चार लाख एनजीओ और अनगिनत बिना रजिस्ट्रेशन के चलने वाले संगठनों को भी इसमें शामिल कर लिया। इससे साफ होता है कि सरकार का इरादा क्या है।
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मैदान संभालने को तैयार बाबा
-भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ अपने आंदोलन को धार देने के लिए बाबा रामदेव एक बार फिर से कमर कस रहे हैं। वे एक जुलाई से योग शिविर के जरिए इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं। बाद में इसे विस्तार देकर पूरे देश में ऐसे शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इस बार आंदोलन की शुरुआत द्वारका से न होकर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार, जो बाबा की कर्मभूमि रही है, से हो रही है। यहां एक जुलाई से बाबा योग शिविर का आयोजन कर रहे हैं। सोच है कि पतंजलि में योग शिविर चला इसके जरिए धीरे-धीरे पूरे देश में आंदोलन के उद्देश्यों और बाबा के संदेशों के प्रति आम जनता के बीच एक बार फिर से जगजागरण किया जाए।
गांधीजी की पौत्री ने किया अन्ना का समर्थन
-महात्मा गांधी की पौत्री तारा गांधी ने सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को 'सच्चा आंदोलन' करार दिया है। तारा गांधी ने बुधवार को यहां कहा कि अन्ना हजारे का अनुसरण करना चाहिए।
गांधीजी के सबसे छोटे बेटे देवदास गांधी की बेटी और 'गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति' की उपाध्यक्ष तारा गांधी ने कहा, 'अन्ना के आंदोलन के बाद ही हम भ्रष्टाचार पर बात कर रहे हैं। अन्ना पूरे देश को एक साथ लाने वाले व्यक्ति हैं। चाहे वह उद्योगपति हो या किसान। अमीर हो या गरीब। राजनीतिज्ञ हो या बॉलीवुड का कलाकार।' महात्मा गांधी से अन्ना की तुलना पर उन्होंने कहा, 'अगर गांधी होना इतना आसान होता तो फिर कोई समस्या ही नहीं होती। गांधी प्रासंगिक हैं और सत्य, प्रेम व संवेदना के रूप में प्रासंगिक बने रहेंगे।'
Jagran News
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