लंदन। रात को देर तक जागने वाली महिलाओं के लिए बेशक यह खबर चौंकानी वाली है। एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि नींद की कमी का महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हालांकि पुरुष इससे बेअसर हैं।
ब्रिटेन के वारविक मेडिकल स्कूल के शोधकर्ताओं ने पाया कि सात घंटे की नींद पूरी करने वाली महिलाओं की तुलना में पांच घंटे या उससे कम नींद लेने वाली महिलाओं में उच्च रक्त चाप और हृदय रोग होने की आशंका दोगुनी होती है।
शोध के मुताबिक नींद की कमी का प्रभाव महिलाओं पर शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही रूप में पुरुष की तुलना में अधिक पड़ता है। डेली मेल की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। अध्ययन में पाया गया कि उच्च रक्त चाप और नींद की कमी में गहरा संबंध है, लेकिन यह संबंध पुरुषों के मामले में तर्कसंगत नहीं है।
अध्ययन का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर फ्रांसेस्को कैपुचियो ने कहा, 'ऐसे कई अध्ययन हैं जिसके मुताबिक नींद की कमी, महिलाओं और पुरुषों, दोनों में ही असमय मृत्यु का कारण है। हमने महत्वपूर्ण लिंग भेद को समझ लिया है, विशेष रुप से उच्च रक्त चाप के मामले में।'
उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि सोते समय रक्तचाप प्राकृतिक रूप से कम हो जाता है यानि नींद की कमी के कारण शरीर को उच्च रक्तचाप से जूझना पड़ता है। महिलाओं में इससे नुकसान की आशंका ज्यादा है।'
Jagran News
No comments:
Post a Comment