नई दिल्ली [अंशुमान तिवारी]। डिस्पोजेबल गिलास 37 रुपये का, कूड़ा बैग 3000 रुपये का, वाटर जग दो हजार रुपये का, 1800 रुपये का ब्रश, दस हजार रुपये की प्लास्टिक कुर्सी.. यह राष्ट्रमंडल खेलों की सबसे बड़ी लूट थी, जो 633 करोड़ रुपये के ओवरले टेंडर में हुई। आयोजन समिति के खाते में आया यह सबसे बड़ा खरीद टेंडर था, जो इस भ्रष्टाचार में मील का पत्थर बन गया है। खरीद की योजना, बजट निर्धारण, सप्लायरों का चयन, टेंडर नियमों में धांधली, ऑर्डर देने के विवादित तरीकों से लेकर कंपनियों के कार्टेल, हैरान कर देने वाली कीमतें, एक ही सामान की कई गुना कीमत पर अलग-अलग आपूर्ति तक इस टेंडर के किसी भी पहलू में पारदर्शिता का नामोनिशान तक नहीं था।
राष्ट्रमंडल खेलों में यह लूट सरकार की आंख के सामने पिछले साल फरवरी से अक्टूबर के बीच तब हुई, जब इन खेलों में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने लगे थे और जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं थी। टिश्यू पेपर और साबुन से लेकर कुर्सी, मेज, फिटनेस उपकरण और जेनरेटर तक करीब 150 से अधिक विभिन्न सामान, उपकरणों एवं उपभोक्ता उत्पादों की आपूर्ति वाले इस ओवरले टेंडर में भ्रष्टाचार कल्पना से परे निकल गया। सीबीआइ ने इस टेंडर में जो एक एफआइआर दर्ज की है, वह घोटाले का बहुत छोटा सा हिस्सा है।
'दैनिक जागरण' के पास उपलब्ध दस्तावेज बताते हैं कि टेंडर का कोई कोना साफ नहीं है। इसके तहत एक उत्पाद के लिए सप्लायरों ने जो न्यू्नतम एवं अधिकतम कीमत या किराया वसूला, महज उसके अंतर के आधार पर यह करीब 200 करोड़ रुपये का सीधा घोटाला बनता है। इस टेंडर में पिको दीपाली, नुस्ली, ईएसएजीवी और जीएल इवेंट्स प्रमुख सप्लायर थे, जिन्हें कुल 571 करोड़ रुपये के ऑर्डर दिए गए। चहेती कंपनियों के लिए आयोजन समिति के पूर्व अध्यक्ष एवं कांग्रेस सांसद सुरेश कलमाड़ी ने तरफदारी की हदें तोड़ दीं। पहले दौर में इन सप्लायरों ने सभी सामानों का कुल मूल्य 1276 करोड़ रुपये भरा था। बाद में टेंडर का आकार घटाकर 574 करोड़ रुपये कर दिया गया, लेकिन आयोजन समिति ने सप्लायरों से कीमतें कम कराने के बजाय टेंडर में अपेक्षित सामग्री की संख्या एवं मात्रा घटा दी ताकि सप्लायरों के मुनाफे में कमी न आए।
आयोजन समिति के चहेते सप्लायरों ने बेफिक्र होकर लूट का खुला खेल खेला। सबसे हैरतअंगेज तथ्य है कि एक ही टेंडर में एक ही उत्पाद के लिए अलग-अलग सप्लायरों ने अलग-अलग कीमतें वसूलीं और कीमतों में अंतर दस गुना तक था। जिस सोप डिस्पेंसर को नुस्ली ने 187 रुपये में आयोजन समिति को बेचा उसी को दूसरे सप्लायर ईएसएजेवी ने 9379 रुपये में सप्लाई किया। आयोजन समिति ने पिको दीपाली से एक रुपये प्रति पीस की दर से और ईएसएजेवी से 37 रुपये की दर से डिस्पोजेबल गिलास खरीदे। जीएल इवेंट्स ने जो फ्रिज 9848 रुपये में दिया, पिको ने एक दूसरे क्लस्टर में वही फ्रिज 22, 957 रुपये में दिया। इस तरह के दर्जनों उदाहरण हैं जहां दो सप्लायर कई गुना कीमत के अंतर पर एक ही सामान बेच रहे थे।
लूट की इंतिहा यह थी कि एक ही सप्लायर ने अलग-अलग क्लस्टर में एक ही उत्पाद की अलग कीमतों पर आपूर्ति की, जिसमें काफी बड़ा अंतर था। पिको दीपाली ने सीपीडब्लूडी को नेहरू स्टेडियम में जिस प्री फैब ढांचे की आपूर्ति 1650 रुपये की दर से की थी, वही ही उत्पाद इस कंपनी ने आयोजन समिति को 4200 रुपये की दर पर दिया। पिको ने एक क्लस्टर में कूड़ा रखने का कंटेनर 91,976 रुपये पर दिया और जबकि दूसरे क्लस्टर में इसकी कीमत 1.16 लाख रुपये लगाई गई।
इस टेंडर का ढांचा बदलकर आयोजकों ने सप्लायरों को खुला मैदान दे दिया था। सप्लायरों का चयन उत्पाद या जिंस के आधार पर किया जाना था लेकिन आयोजकों ने विभिन्न स्टेडियमों और आयोजन केंद्रों की आपूर्ति को एक साथ मिलाकर सात सप्लाई क्लस्टर में बांट दिया। टेंडर की शतरें में यह बदलाव खेल मंत्रालय की मंजूरी से हुआ।
इतनी कीमत
-ओवरले टेंडर में हैरान करने देने वाली कीमतों की एक बानगी
-प्लास्टिक रस्सी पांच मीटर 2700 रुपये
-कूड़ा दान 7618 रुपये से 1.16 लाख रुपये तक प्रति नग
-कूड़ा बैग 3068 रुपये प्रति नग
डिस्पोजेबल गिलास 37 रुपये प्रति नग
-टिश्यू पेपर डिस्पेंसर 4652 रुपये प्रति नग
-टिश्यू रोल 9515 रुपये प्रति बॉक्स
-प्लास्टिक कुर्सी 10254 रुपये
-स्किपिंग रोप 1268 रुपये प्रति पीस
एक उत्पाद अलग-अलग कीमत,
-दो सप्लायरों ने एक ही उत्पाद किस तरह अलग-अलग दरों पर दिए, उसकी एक बानगी
जिंस या उत्पाद न्यूनतम अधिकतम
डिस्पोजेबल गिलास एक रुपये 37 रुपये
प्लास्टिक कुर्सी [प्रति पीस] 1276 10254
चेयर सोफा थ्री सीटर 19071 36,458
स्किपिंग रोप
480 1268
ब्रश 65 1841
कूड़ा बैग
चार रुपये 3068 रुपये
लिक्विड सोप डिस्पेंसर
187 9379
टिश्यू रोल
22 3751
एयरकंडीशनर प्रति पीस
2.03 लाख 7.47 लाख
प्रिंटर 5457 21446
एक उत्पाद एक सप्लायर कितना अंतर
उत्पाद या जिंस क्लस्टर-1 सप्लायर पिको क्लस्टर-6 सप्लायर पिको
वाटर डिस्पेंसर 11852 9855
ऑफिस स्टेशनरी 790 657
गार्बेज सॉलिड वेस्ट कंटेनर 1,16,446 91,976
प्री फैब केबिन 12,01,871 10,23,759
स्टेपर [फिटनेस उपरकण] 3,06,087 2,62, 768
जांच पड़ताल :
-सीबीआइ एक एफआइआर दायर कर चुकी है। आयेाजन समिति के महानिदेशक वी.के. वर्मा इसी टेंडर को लेकर जेल में हैं
Jagran News
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