लखनऊ।। जन लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए गठित समिति में नागरिक संगठनों के सदस्यों और केंद्र सरकार के बीच चल रही बयानबाजी को नाटक करार देते हुए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने संसद में लोकपाल विधेयक पारित होने पर शंका व्यक्त की है।
लखनऊ में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार और नागरिक संगठनों के सदस्यों के बीच हर रोज किसी न किसी बात पर नाटक हो रहा है। उन्होंने नागरिक संगठनों के सदस्यों को सलाह देते हुए कहा कि शर्तों के आधार पर विधेयक को पारित कराने के लिए अड़ने के बजाय उन्हें यह मामला जनता के बीच ले जाना चाहिए।
मायावती ने कहा, 'वह यह सलाह इसलिए दे रही हैं क्योंकि जब यह विधेयक संसद में पेश हो गया तो मुझे नहीं लगता कि यह नागरिक संगठनों के सदस्यों की मंशा के अनुरूप पारित हो पाएगा।'
लखनऊ में बुधवार को संवाददाता सम्मेलन में मायावती ने कहा कि केंद्र सरकार और नागरिक संगठनों के सदस्यों के बीच हर रोज किसी न किसी बात पर नाटक हो रहा है। उन्होंने नागरिक संगठनों के सदस्यों को सलाह देते हुए कहा कि शर्तों के आधार पर विधेयक को पारित कराने के लिए अड़ने के बजाय उन्हें यह मामला जनता के बीच ले जाना चाहिए।
मायावती ने कहा, 'वह यह सलाह इसलिए दे रही हैं क्योंकि जब यह विधेयक संसद में पेश हो गया तो मुझे नहीं लगता कि यह नागरिक संगठनों के सदस्यों की मंशा के अनुरूप पारित हो पाएगा।'
NBT News.
इसे पढकर एक पुराणी कहावत याद आ गई दोस्तों - ये कहावत उप्र. में कही जाटी है की - "सुपवा त बोले ही चलानियो बोले जेम्मे बहत्तर छेद"
ReplyDelete