ये ऐसे लोगों का ग्रुप है , जिन्हें आजादी पर हमला बर्दाश्त नहीं।ये ऑनलाइन ऐक्टिविस्ट हैं। जब भी इन्हें लगता है कि कहींकुछ गलत हो रहा है तो ये जंग छेड़ देते हैं। लेकिन यह जंगसाइबर स्पेस में होती है। हजारों लोग एकसाथ इस जंग मेंशरीक होते हैं और विरोध दर्ज कराने के लिए वेबसाइट हैककरते हैं। ये अपने देश के साथ - साथ अमेरिका , तुर्की ,फिलीपीन और यूरोप में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं।इनका कोई नाम नहीं है। ये खुद को एनॉनिमस कहते हैं।
हाल ही में जब बाबा रामदेव के समर्थकों पर पुलिसियाकार्रवाई हुई तो इस एनॉनिमस हैकर्स के ग्रुप ने नैशनल इन्फर्मेटिक्स सेंटर ( एनआईसी ) की वेबसाइट हैक कर वहां अपनामेसेज छोड़ दिया था। एनआईसी को साइट रिस्टोर करने में कई दिन लग गए। इसके लिए इन्होंने ट्विटर पर अपनीयोजना का ऐलान किया और ऑपरेशन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लिए लोगों को आमंत्रित किया। यह कई नामों के साथसोशल नेटवर्किंग साइट पर मौजूद हैं और चैट रूम में लगातार बातचीत करते रहते हैं।
एनॉनिमस तब लाइमलाइट में आए , जब मास्टर कार्ड , पे - पाल और अमेजन ने विकिलीक्स का अकाउंट बंद कर दिया।तब एनॉनिमस ने विकिलीक्स के समर्थन में इन साइटों पर अटैक कर इन्हें बंद कर दिया। इनका कहना है कि हम विचारोंऔर इंटरनेट की आजादी पर हमला बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस ग्रुप से जुड़े लोग एकदूसरे के बारे में नहीं जानते। कोईअपनी पहचान जाहिर नहीं करता। ये चैटिंग करते हैं और कॉमन इश्यू पर बहस करते हैं। अलग - अलग देश के लोग इससेजुड़े हैं।
शुक्रवार रात को इसी ग्रुप ने इंडियन आर्मी की साइट पर अटैक किया और एक घंटे के लिए साइट डाउन रही। ग्रुप केविदेशी मेंबरों की इस ऐक्टिविटी का इंडियंस ने विरोध किया और उन्हें समझाया कि आर्मी देशभक्त है , उन पर अटैकठीक नहीं। इसके एक घंटे बाद साइट रीस्टोर कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक , फिलहाल इन्होंने तय किया है कि इंडिया मेंकिसी गर्वनमेंट साइट पर अटैक नहीं करेंगे। इनका टारगेट अब करप्ट नेता , भ्रष्ट राजनीतिक पार्टियां और करप्ट कंपनियांहोंगी।
ग्रुप से जुड़े लोग मिलकर वक्त तय करते हैं और सब एकसाथ अटैक करते हैं। ग्रुप में 10 पर्सेंट एक्सपर्ट हैं , बाकी नॉर्मलइंटरनेट यूजर। एक्सपर्ट दूसरे मेंबरों को सॉफ्टवेयर भेजते हैं और तरीका समझाते हैं। यह दो तरीके से अटैक करते हैं -डिफेसमेंट और डीडॉस अटैक। डिफेसमेंट में वेबसाइट को हैक करके वहां अपना मेसेज लिख देते हैं। डीडॉस ( डिस्ट्रीब्यूडेटडिनाइल ऑफ सर्विस ) अटैक में हजारों लोग एकसाथ साइट पर अटैक करते हैं। साइट डाउन होकर क्रैश हो जाती है।
हाल ही में जब बाबा रामदेव के समर्थकों पर पुलिसियाकार्रवाई हुई तो इस एनॉनिमस हैकर्स के ग्रुप ने नैशनल इन्फर्मेटिक्स सेंटर ( एनआईसी ) की वेबसाइट हैक कर वहां अपनामेसेज छोड़ दिया था। एनआईसी को साइट रिस्टोर करने में कई दिन लग गए। इसके लिए इन्होंने ट्विटर पर अपनीयोजना का ऐलान किया और ऑपरेशन इंडिया अगेंस्ट करप्शन के लिए लोगों को आमंत्रित किया। यह कई नामों के साथसोशल नेटवर्किंग साइट पर मौजूद हैं और चैट रूम में लगातार बातचीत करते रहते हैं।
एनॉनिमस तब लाइमलाइट में आए , जब मास्टर कार्ड , पे - पाल और अमेजन ने विकिलीक्स का अकाउंट बंद कर दिया।तब एनॉनिमस ने विकिलीक्स के समर्थन में इन साइटों पर अटैक कर इन्हें बंद कर दिया। इनका कहना है कि हम विचारोंऔर इंटरनेट की आजादी पर हमला बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस ग्रुप से जुड़े लोग एकदूसरे के बारे में नहीं जानते। कोईअपनी पहचान जाहिर नहीं करता। ये चैटिंग करते हैं और कॉमन इश्यू पर बहस करते हैं। अलग - अलग देश के लोग इससेजुड़े हैं।
शुक्रवार रात को इसी ग्रुप ने इंडियन आर्मी की साइट पर अटैक किया और एक घंटे के लिए साइट डाउन रही। ग्रुप केविदेशी मेंबरों की इस ऐक्टिविटी का इंडियंस ने विरोध किया और उन्हें समझाया कि आर्मी देशभक्त है , उन पर अटैकठीक नहीं। इसके एक घंटे बाद साइट रीस्टोर कर दी गई। सूत्रों के मुताबिक , फिलहाल इन्होंने तय किया है कि इंडिया मेंकिसी गर्वनमेंट साइट पर अटैक नहीं करेंगे। इनका टारगेट अब करप्ट नेता , भ्रष्ट राजनीतिक पार्टियां और करप्ट कंपनियांहोंगी।
ग्रुप से जुड़े लोग मिलकर वक्त तय करते हैं और सब एकसाथ अटैक करते हैं। ग्रुप में 10 पर्सेंट एक्सपर्ट हैं , बाकी नॉर्मलइंटरनेट यूजर। एक्सपर्ट दूसरे मेंबरों को सॉफ्टवेयर भेजते हैं और तरीका समझाते हैं। यह दो तरीके से अटैक करते हैं -डिफेसमेंट और डीडॉस अटैक। डिफेसमेंट में वेबसाइट को हैक करके वहां अपना मेसेज लिख देते हैं। डीडॉस ( डिस्ट्रीब्यूडेटडिनाइल ऑफ सर्विस ) अटैक में हजारों लोग एकसाथ साइट पर अटैक करते हैं। साइट डाउन होकर क्रैश हो जाती है।
Poonam Pandey NBT.
Kamal hai bhaiyon ab Hackers tay karenge is desh ka bhavishya.
ReplyDeleteकुछ भी हो और चाहे जो भी देश की भलाई के लिए बोलने और करने का सबका हक है. जब तक सभी देशवासी एकजूट नहीं होंगे तब तक भ्रष्टाचार रोकना असंभव लगता है.
ReplyDeleteधन्यवाद.