भोपाल।। योग गुरु बाबा रामदेव को 'धोखेबाज' बताते हुए कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जिस तरह एक साथ हजारों लोगों को बाबा योगासन सिखाते हैं, वह तरीका सही है अथवा नहीं, यह किसी योग विशेषज्ञ से पूछा जाना चाहिए। इसके साथ ही दिग्विजय सिंह ने अन्ना हजारे को भी सुझाव दे डाला। उन्होंने कहा कि अन्ना को अपनी उम्र का लिहाज करते हुए उन्हें भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बार-बार अनशन नहीं करना चाहिए। कहीं अन्ना की स्थिति 'पिपली लाइव' फिल्म के नत्था की तरह ना हो जाए।
सिंह ने बुधवार को यहां संवाददाताओं से अनौपचारिक बातचीत में कहा, 'योग के बारे में मैं जितना जानता हूं, उसके अनुसार, योग शिक्षक द्वारा हर साधक को एक-एक कर सिखाना चाहिए। योगासन, किसी शिविर में हजारों लोगों को एक साथ नहीं सिखाया जा सकता।'
उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव 'धोखेबाज' हैं और अपने साधकों को गलत तरीके से योगासन की शिक्षा देते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या सिंह योग करते हैं, उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से योग कर रहे हैं।
रामलीला मैदान पर पुलिस कार्रवाई के दौरान महिलाओं के कपड़े पहनकर रामदेव के भागने को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बाबा जैसे 'कट्टरवादी' लोग मूलत: 'डरपोक' होते हैं और कोई घटना होने पर सबसे पहले भागने का रास्ता तलाशते हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह पाकिस्तान में एक पुलिस कार्रवाई के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के कार्यकाल में एक कठमुल्ला भी ऐसे ही 'बुर्का' पहनकर घटनास्थल से भाग खड़ा हुआ था।
सिंह ने बीजेपी द्वारा अपनी आलोचना किए जाने के संदर्भ में कहा कि वह हमेशा से ही बीजेपी और उसके नेताओं के लिए 'खलनायक' रहे हैं और इस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की रुचि कभी अच्छे और सच्चे साधु-संतों में नहीं रही है। वह हमेशा से रामदेव जैसे साधु-संतों को ही बढ़ावा देती आई है।
सिंह ने सवाल किया कि रामलीला मैदान में हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में राजघाट पर आयोजित धरने के दौरान सुषमा स्वराज ने किस खुशी में 'डांस' किया था। क्या वह पुलिस की कार्रवाई पर खुशी मना रही थीं। सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी की समाधि कोई नाच-गाने की जगह नहीं है। |
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