'टीम अन्ना' को सरकार का जवाब
'टीम अन्ना' की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ देर बाद केंद्र सरकार का भी जवाब आ गया। गृहमंत्री पी. चिदंबरम, एचआरडी मिनिस्टर कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शीद ने भी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और अन्ना हजारे और उनकी टीम पर अड़ियल रुख अपनाने और बातचीत की इस प्रक्रिया को खतरे में डालने का आरोप लगाया। होम मिनिस्टर मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि हम 30 जून तक सख्त लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार कर लेंगे और यह सरकार का प्रण है।
पी. चिंदबरम ने ' टीम अन्ना ' पर अड़ियल रुख का आरोप लगाया। एचआरडी मिनिस्टर कपिल सिब्बल ने अनशन पर जाने के अन्ना हजारे के फैसले पर कहा कि बातचीत की प्रक्रिया को खतरे में नहीं डाला जाना चाहिए। सिब्बल ने लोकपाल के मुद्दे पर कहा कि हम सरकार से समानांतर कोई ढांचा खड़ा नहीं कर सकते। सरकार अपनी शक्तियों को किस तरह अनियंत्रित तरीके से बांट सकती है।
रामदेव के अनशन के हश्र से नहीं डरेंगेः अन्ना
अन्ना हजार ने बाबा रामदेव के अनशन का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने उनका अनशन कुचल दिया था। हमारे साथ भी ऐसा ही हो सकता है, लेकिन हम नहीं डरेंगे। उन्होंने कहा वह लाठी-गोली खाएंगे, लेकिन लोकपाल के लिए आखिरी सांस तक अनशन करेंगे।
अन्ना ने कहा, 'जंतर-मंतर पर मैंने अपना अनशन इसलिए खत्म किया था, क्योंकि सरकार ने हमारी मांगों को मान लेने का वादा किया था। अब सरकार अपने वादे से मुकर रही है। मैं 16 अगस्त से फिर से अनशन पर बैठूंगा।'
हजारे ने कहा कि वह लोकपाल बिल को लेकर सरकार के रवैये से निराश हैं। उन्होंने सरकार पर अपने वायदे से पलटने का आरोप लगाया। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक दिन पहले ही लोकपाल बिल ड्राफ्टिंग को लेकर जॉइंट कमिटी में सरकार और सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए।
अन्ना ने कहा कि उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि सरकार एक मजबूत लोकपाल कानून बनाने की इच्छुक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दो अलग-अलग ड्राफ्ट कैबिनेट को भेजे जाने का विचार हास्यास्पद है और जॉइंट ड्राफ्टिंग कमिटी बनाए जाने के कारण के विपरीत है।
हजारे ने कहा, 'यदि सरकार को दो ड्राफ्ट ही भेजने थे तो उसने जॉइंट पैनल बनाने में वक्त क्यों ज़ाया किया? दो ड्राफ्ट (एक सरकार का और दूसरा सिविल सोसायटी का) तो पहले से ही मौजूद थे, उन्हें ही कैबिनेट को भेज दिया जाता।' प्रेंस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने लोकपाल ड्राफ्टिंग कमिटी की बैठकों को दिखावा बताया।
गौरतलब है कि पांच अप्रैल से नौ अप्रैल तक अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर पर लगभग 98 घंटे का अनशन किया था। इसी का नतीजा था कि सरकार लोकपाल विधेयक का मसौदा तैयार करने के लिए 10 सदस्यीय समिति बनाने को तैयार हुई, जिसमें सामाजिक संगठनों के पांच सदस्यों को भी शामिल किया गया।
NBT News.
Anna pura desh aapke sath hai. ham har nahi manenge.
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