Thursday, 16 June 2011

कैबिनेट में पेश होंगे 2 लोकपाल बिल

लोकपाल बिल पर सरकार और सिविल सोसायटी के बीच आम सहमति की संभावनाएं लगभग खत्म हो गई हैं। बुधवार को हुई मसौदा समिति की बैठक में लोकपाल बिल के दायरे में प्रधानमंत्री और उच्च न्यायपालिका को रखने पर कोई सहमति नहीं बन पाई। सरकार का कहना है कि बिल मॉनसून सत्र में संसद के सामने रख दिया जाएगा। समिति की अगली बैठकें 20 और 21 जून को होंगी। सिविल सोसायटी से कहा गया है कि वह इसमें लोकपाल बिल का अपना मसौदा बना कर लाए।
 मसौदा समिति की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकपाल बिल पर आम मुद्दों के साथ मूल मुद्दों पर भी कोई सहमति नहीं है। इस बात पर भी आम राय नहीं है कि लोकपाल किस किस्म का होना चाहिए। लोकपाल बिल का मसौदा बनाने के लिए 30 जून तक की समय सीमा निश्चित की गई थी। सिब्बल ने कहा कि सहमति नहीं होने की स्थिति में निर्धारित समय सीमा में समिति अपना नोट कैबिनेट को भेज देगी। उस नोट में सरकारी राय के अलावा गैर सरकारी सदस्यों की भी राय होगी।

सिब्बल ने कहा कि जब लोकपाल बिल का कोई प्रारूप बन जाएगा तो सरकार राजनीतिक दलों से भी बात करेगी। सिविल सोसायटी की तरफ से अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार लोकपाल बिल को खत्म करना चाहती है। केजरीवाल और प्रशांत भूषण ने बताया कि बैठक में मुख्यत: दो मुद्दों पर चर्चा हुई। एक, लोकपाल के पास आने वाले मामलों पर कौन फैसला लेगा। दूसरा, सरकारी अधिकारियों पर मामला किस तरह चलेगा। सिविल सोसायटी का कहना था कि लोकपाल के पास अपनी जांच टीम होनी चाहिए। लेकिन इस पर कोई सहमति नहीं बन पाई।

बैठक में सरकार की ओर से गैर सरकारी सदस्यों से पूछा गया कि उन्होंने धोखाधड़ी, गलत बयानी के आरोप लगाए हैं तो वे बताएं कि उनके साथ क्या धोखा हुआ है? सिब्बल ने कहा कि इस सवाल पर सिविल सोसायटी के सदस्यों की तरफ से कहा गया कि ये आरोप समिति के सदस्यों पर नहीं, बल्कि समिति के बाहर के लोगों पर लगाए गए थे। सरकार और सिविल सोसायटी के बीच पिछले कई दिनों से आरोपों के दौर चल रहे हैं।



NBT News.

1 comment:

  1. bhaiya 2 bill pass karo char karo 1000 karo, hamen to kewal beimano me mukti chahiye.

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